पृथ्वीनाथ मंदिर

पृथ्वीनाथ मंदिर ,भगवान शिव का बहुत बड़ा मंदिर है जो कि गोंडा से लगभग 12 कि०मी० दूर इटियाथोक ब्लाक में पड़ता है ।इस मंदिर का शिवलिंग बहुत ऊँचा है । यहाँ हर साल शिवरात्रि के दिन बहुत ही भव्य मेला लगता है ।


पसका

जिला मुख्यालय के दक्षिण-पश्चिम से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पसका सरयू नदी के तट पर स्थित है। यह काफी प्राचीन संगम स्नान स्थल है। पशु-योनि से मुक्ति पाने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालु सरयू नदी में स्नान करने के लिये यहाँ आते हैं। ऐसा माना जाता है कि भगवान वराह ने इस जगह पर अवतार लिया था।


गोस्वामी तुलसीदास जन्मस्थली

इसी जनपद के परसपुर ब्लाक के राजापुर नामक गाँव में रामचरितमानस के जैसे महाकाव्य के रचनाकार की जन्मस्थली भी है। सरयू नदी के उत्तर में राजापुर गाँव है जहाँ पर तुलसीदास का जन्म हुआ था। साथ ही साथ सूकरखेत में गोस्वामी जी के गुरु नरहरिदास की मूर्ति एक जीर्ण-शीर्ण मन्दिर में मौजूद है।


दरगाह हज़रत सैयद सालार मसउद गाजी

बहराइच जनपद की उत्तरी सीमा पर गाजी का प्रसिद्ध दरगाह स्थित है इसके प्रवेश द्वार को जंजीरी तथा भीतरी द्वार को नाल दरवाजा के नाम से जाना जाता है । यहाँ पर हर साल एक मेला आयोजित होता है जो लगभग एक माह तक चलता है ।


शोभनाथ मन्दिर

यह मन्दिर जैन धर्म का प्रतीक है जो श्रावस्ती जनपद में राप्ती नदी के किनारे बसा हुआ है इस मन्दिर का निर्माण लगभग 10 शताब्दी में हुआ था । इस मन्दिर को महेट के नाम से भी जाना जाता है । यह मन्दिर तीसरे जैन तीर्थांकर शोभनाथ की जन्म स्थली है